बरेली में भयंकर सिलेंडर हादसा: महालक्ष्मी गैस एजेंसी का गोदाम हुआ तबाह
बरेली, 24 मार्च 2025: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में दोपहर के समय एक भयावह हादसा सामने आया जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के रजऊ परसपुर गांव में स्थित महालक्ष्मी गैस एजेंसी के गोदाम में सिलेंडर का अचानक फटना एक विनाशकारी श्रृंखला की शुरुआत बन गया। अभी जान माल के नुकसान का पता नहीं चल पाया है। उम्मीद की जा रही है। गैस एजेंसी में मौजूद सभी कर्मचारी खतम हो गए है।
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हादसा इतना भयानक था की सीलेंडएर के परक्खकचे 500 मीटर दूर तक हवा में उड़ गए। और आस पास के खेतों में भयानक आग पकड़ ली।

बरेली में भयंकर सिलेंडर हादसा: घटनाक्रम का विस्तृत विवरण
दोपहर करीब 1 बजे, गोदाम में मौजूद सिलेंडरों में से एक में अचानक विस्फोट हुआ। इस तेज विस्फोट ने एक चेन रिएक्शन उत्पन्न कर दिया, जिसके चलते एक-एक करके सैकड़ों सिलेंडर फटने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाकों की आवाज़ 3 किलोमीटर तक सुनाई देने लगी और उन्होंने इसे “ज्वालामुखी फटने” जैसा अनुभव किया। और बताया गया। जैसे कोई बम फट गया। आग की तेज लपटें इतनी तेजी से पास के खेतों में भी फैल गईं जिसने एक भयानक रूप ले लिया। और सिलेंडर के टुकड़े 500 मीटर से अधिक की दूरी तक उड़ते चले गए। अभी किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बस अंदाज लगाया जा रहा है की 10 लोगों को भयंकर चोट आई है।
आपातकालीन कार्रवाई और राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही बिथरी चैनपुर थाना, फायर ब्रिगेड तथा जिला प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा कारणों से आस-पास के घरों को खाली कराया गया और इलाके को सील कर दिया गया। फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगा। इस दौरान एक गैस से भरा ट्रक भी पूरी तरह जलकर राख में परिवर्तित हो गया। राहत कार्य के बावजूद, शुरुआती जांच में अभी तक किसी हताहत व्यक्ति की पुष्टि नहीं हुई है।
जांच और संभावित कारण
प्रारंभिक जांच के अनुसार, सिलेंडर में रिसाव या तकनीकी खराबी के कारण यह भयानक विस्फोट हुआ होगा। पुलिस और प्रशासन इस घटना की गहन जांच कर रहे हैं। जांच का यह भी लक्ष्य है कि क्या गोदाम में आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसी के मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। और उनको कड़ी से कड़ी सजा भी दी जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया और भविष्य के कदम
इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भय का माहौल छा गया है। कई निवासियों ने बताया कि धमाकों की आवाज़ सुनते ही वे अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। ग्रामीणों की मांग है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा मानकों पर कड़ा ध्यान दिया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांतिपूर्ण बने रहें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया गया है।
इस हादसे ने न केवल सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर किया है, बल्कि स्थानीय समुदाय में गहरी चिंता भी पैदा कर दी है। कई ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद उन्होंने अपने आस-पास के क्षेत्रों में छिपते हुए देखा कि कैसे आग की लपटें तेजी से फैल रही थीं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “जब हमने देखा कि गोदाम के पास आग लग गई है, तो हमने तुरंत अपने बच्चों को संभालते हुए सुरक्षित जगह की ओर भागना शुरू कर दिया।” इस अनुभव ने कई लोगों के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इन तरह की घटनाओं से बचाव के लिए पर्याप्त तैयारी और सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
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यह भयंकर हादसा न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करता है, बल्कि स्थानीय प्रशासन के कड़े निरीक्षण की आवश्यकता पर भी जोर देता है। आने वाले दिनों में इस घटना की गहन जांच से उम्मीद की जा रही है कि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा।
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